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व्यापार के लिए अच्छा है करवा चौथ का त्यौहार

सनातन धर्म में वैसे तो कई त्यौहार की मान्यता है , लेकिन करवा चौथ त्यौहार एक अलग ही उत्साह और मान्यता लिए हुए है।  मिट्टी के घड़े, साड़ी, आभूषण, करवाचौथ का पेपर चार्ट कई और अन्य चीज़े है जिसकी खरीद में लोग पहले  से ही जुट जाते है । बिज़नेस के नज़रिये से देखे तो इस त्यौहार में बाज़ार की उछाल गिरवाट देखने को मिलती है।  आभूषण, साड़ी और पूजा सामग्री का मार्केट बहुत तेज़ी से ऊपर जाता है।  कोरोना में सुस्त हुए बाजार को त्योहारी मौसम ने रफ्तार दे दी है। करोड़ों रुपये का नुकसान झेल चुका बाजार अब त्योहारों के सहारे उबरने की कोशिश में हैं।

शिल्पकारों के लिए अच्छा

जब हम करवा चौथ की बात करते है तो मिट्टी के घड़े की याद सबसे पहले आती है।  शिल्पकार जो मिट्टी के घड़े को बना कर बाज़ारो में बेचते है उनके लिए यह  त्यौहार रोज़ी-रोटी और पैसे कमाने का अच्छा और नेक मौका होता है।  ऐसे कई  त्यौहार है जिनमे हम मिट्टी से बने हुए घड़ो को खरीदते है लेकिन करवा चौथ में हर एक महिला घड़े को खरीदती है। 

साड़ी और आभूषण दुकानों में रौनक

अगर हम इस  त्यौहार को महिला प्रमुख  त्यौहार कहे तो यह गलत नहीं होगा।  इस  त्यौहार पर महिला अपने लिए नयी साड़ी और आभूषण लेती ही है।  बाजार में आभूषण और साड़ियों की बिक्री बढ़ जाती है और इसका असर हमे बढ़ते बाज़ार पर देख सकते है।  सोना बिकने की वजह से मार्केट में भी सोने की कीमत बढ़ते और घटते देखने को मिलती है।  इस  त्यौहार के बीच कपड़ा और सोना मार्केट के भाव बढ़ जाते है । 

मेहंदी की मांग बढ़ती है

16  श्रृंगार में से सबसे ज़रूरी है हाथो की मेहंदी।  इस त्यौहार में महिलाये अपने दोनों हाथो में मेहंदी लगाती है।  कई बड़े ब्रांड्स ने कहा है की करवा चौथ का त्यौहार आते ही उसकी सेल्स में काफी इज़ाफ़ा आ जाता है।  मेहंदी हर महिला इस्तेमाल करती है।  उत्तर भारत और केंद्र भारत में मेहंदी के बिज़नेस में भारी उछाल को देखने को मिलता है क्युकी ज्यादतर महिलाये  उत्तर भारत और केंद्र भारत से ही आती है।  

रेस्टोरेंट का बिज़नेस बढ़ता है

लाल रंग की थीम में रंग जाते है रेस्टोरेंट। लाल रंग सुहागिल महिलाओ का प्रतीक है।  करवा चौथ के व्रत टूटने के बाद महिलाये अपने घर वालो के साथ रेस्टोरेंट जाना पसंद करती है।  महिलाओ को आकर्षित करने के लिए रेस्टोरेंट अपनी थीम को करवा चौथ के विषय पर सजा देते है।  रेस्टोरेंट का बिज़नेस करवा चौथ पर बढ़ता है क्युकी पुरे दिन के व्रत के बाद दंपित जोड़ा रेस्टोरेंट की तरफ बढ़ता है।  फैनी, मठरी, जलेबी विद रबड़ी, इमरती ये सभी मिठाईया सर्व प्रथम रहती है। 

बाजार में डिजाइनर करवे, छलनी, थाली और लोटे आकर्षण का केंद्र बने रहे। शिल्पकारों के द्वारा बनाये गए ये सभी चीज़े महिलाओं को ज्यादा आकर्षित करती है।  अपने त्यौहार को सजीला और आकर्षित बनाने के लिए महिलाये इन सभी को खरीदती है।  यह त्यौहार जितना बड़े बिज़नेस का है उससे कई ज्यादा यह लोकल मार्केट और लोकल बिज़नेस का है।